Thursday, June 29, 2023

साइबर क्राइम

 


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साइबर क्राइम क्या है ?

साइबर क्राइम साइबर स्पेस (इंटरनेट), कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से किए जाने वाले अपराधों का समूह है। इसमें अपराधी व्यक्ति इंटरनेट, कंप्यूटर, स्मार्टफोन, टैबलेट, सोशल मीडिया और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का दुरुपयोग करके विभिन्न अपराधों को करते हैं।


साइबर क्राइम के विभिन्न प्रकार हो सकते हैं, जैसे कि:


1. वेबसाइट धोखाधड़ी: इसमें अपराधी व्यक्ति नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को धोखा देते हैं और उनसे व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड आदि प्राप्त करते हैं।


2. फिशिंग: इसमें अपराधी व्यक्ति मानव भ्रमित करके प्राप्तियों की पुष्टि करने का प्रयास करते हैं, जैसे खाता संख्या, पासवर्ड, खुदरा कार्ड जानकारी, व्यक्तिगत विवरण आदि के लिए खुदरा वेबसाइटों की अनुकरण करके या यूज़र्स को विशेष रूप से डिज़ाइन की गई ईमेलों के माध्यम से।


3. वायरस और मैलवेयर: साइबर अपराधी वायरस और मैलवेयर (खतरनाक सॉफ्टवेयर) का उपयोग करते हैं, जो कंप्यूटर या नेटवर्क सिस्टम में प्रवेश प्राप्त करके उसे नुकसान पहुंचाने या उसमें अवांछित क्रियाएं करने के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं।


4. ऑनलाइन धमकी: इंटरनेट पर आपसी वाद-विवाद, बालात्कार, हिंसा, आतंकवाद, अपमान आदि के विषय में धमकी देना भी साइबर क्राइम के तहत आता है।


5. ऑनलाइन धोखाधड़ी: इंटरनेट पर व्यापारिक या व्यक्तिगत सौदों में लोगों को धोखा देना, वस्त्र खरीदने का वादा करके धन लूटना, नकली ऑनलाइन वेबसाइटों के माध्यम से अर्धसत्यापन करना आदि भी साइबर क्राइम की आम प्रकृति के उदाहरण हैं।


ये कुछ सामान्य उदाहरण हैं, लेकिन साइबर क्राइम के बहुत सारे रूप हो सकते हैं। यह अपराध न केवल व्यक्तिगत नुकसान कर सकते हैं, बल्कि व्यापार, सरकार और समाज के लिए भी बड़े हानिकारक हो सकते हैं।


साइबर क्राइम से बचने के उपाय


साइबर क्राइम से बचने के लिए कुछ उपाय हैं जिन्हें आप अपना सकते हैं:


1. साइबर सुरक्षा जागरूकता: साइबर सुरक्षा के महत्व को समझें और इसके बारे में जागरूक रहें। साइबर क्राइम के नवीनतम ट्रेंड और धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में जानने का प्रयास करें।


2. सतर्कता बढ़ाएं: इंटरनेट पर जानकारी साझा करने से पहले सतर्क रहें। अजनबी ईमेल, सोशल मीडिया संदेश या वेबसाइटों की संदेहास्पद लिंकों को खोलने से बचें।


3. मजबूत पासवर्ड उपयोग करें: अपने ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं और उन्हें नियमित रूप से बदलें। अपने पासवर्ड में अल्फान्यूमेरिक वर्ण, संख्याएं और विशेष वर्णों का उपयोग करें।


4. द्वितीयांकन सुरक्षा: द्वितीयांकन सुरक्षा के लिए द्वितीयांकन के साथ अपने खातों को सुरक्षित करें। द्वितीयांकन जैसे OTP (वन टाइम पासवर्ड) या बायोमेट्रिक उपयोग करने का उपयोग करें।


5. सुरक्षित इंटरनेट ब्राउज़िंग : सुरक्षित इंटरनेट ब्राउज़िंग के लिए एक अच्छा एंटीवायरस और फ़ायरवॉल उपयोग करें। जरूरतमंद सॉफ़्टवेयर अपडेट्स को स्थानांतरित करें और गैरजरूरी या अविश्वसनीय साइटों से दूर रहें।


6. सावधानी से ईमेल का उपयोग करें: संदेशों के आवंटन को खोलने से पहले सतर्क रहें और अजनबी ईमेलों की जांच करें। सावधान रहें और आपकी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी को ईमेल के माध्यम से साझा न करें।


7. साझा जानकारी को नियंत्रित करें: सामाजिक मीडिया पर जानकारी साझा करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी निजी जानकारी केवल उन लोगों के साथ ही साझा हो जिन पर आप विश्वास करते हैं।


8. अपनी डिवाइस को अपडेट करें: अपनी सभी इंटरनेट-संबंधित डिवाइसों के लिए सॉफ़्टवेयर अपडेट करें, क्योंकि इससे सुरक्षा में सुधार होता है और प्रवेश पोर्टल बंद करता है जिनका उपयोग हैकर्स द्वारा किया जा सकता है।


9. वेबसाइट की जाँच करें: ई-कॉमर्स साइट्स या बैंकिंग पोर्टल की पहचान की जांच करें, उनके सुरक्षा प्रमाणपत्रों को देखें और केवल विश्वसनीय और सुरक्षित साइटों पर ही व्यापार करें।


10. डेटा बैकअप करें: नियमित अंतरणीय डेटा बैकअप करें ताकि यदि कोई साइबर हमला होता है, तो आप अपनी महत्वपूर्ण जानकारी को नष्ट नहीं करेंगे।


यदि आपको लगता है कि आप या कोई दूसरा व्यक्ति साइबर क्राइम का शिकार हो गया है, तो आपको तत्परता से इसे रिपोर्ट करना चाहिए। स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल को संपर्क करें और उन्हें इस बारे में सूचित करें ताकि वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें।

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